*INDIA CRIME NEWS टीईटी की अनिवार्यता समाप्त करने और पुरानी पेंशन बहाली को लेकर ऊखीमठ में शिक्षकों का प्रदर्शन*
*सरकार को चेतावनी, मांगें नहीं मानी गईं तो 17 जुलाई को जिला मुख्यालय पर होगा बड़ा आंदोलन*
रुद्रप्रयाग। उत्तराखंड राज्य प्राथमिक शिक्षक संघ की शाखा ऊखीमठ एवं गुप्तकाशी के शिक्षकों ने अपनी दो सूत्रीय मांगों को लेकर तहसील परिसर ऊखीमठ में एक दिवसीय सांकेतिक धरना-प्रदर्शन किया। शिक्षकों ने शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) की अनिवार्यता समाप्त करने तथा पुरानी पेंशन योजना (ओपीएस) की बहाली की मांग उठाते हुए उपजिलाधिकारी के माध्यम से प्रधानमंत्री एवं केंद्रीय शिक्षा मंत्री को ज्ञापन प्रेषित किया।

प्रदेश संगठन के आह्वान पर आयोजित इस प्रदर्शन में बड़ी संख्या में शिक्षकों ने भाग लिया। प्रदर्शन के दौरान शिक्षकों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए कहा कि लंबे समय से उनकी न्यायोचित मांगों की उपेक्षा की जा रही है। उन्होंने कहा कि कार्यरत शिक्षकों पर टीईटी की अनिवार्यता थोपना पूरी तरह अनुचित और अव्यावहारिक है, जबकि पुरानी पेंशन कर्मचारियों के भविष्य और वृद्धावस्था की सामाजिक एवं आर्थिक सुरक्षा का मजबूत आधार है।
शाखा अध्यक्ष कैलाश मैठाणी तथा गुप्तकाशी शाखा अध्यक्ष विजय राम गोस्वामी ने कहा कि यदि सरकार ने शीघ्र सकारात्मक निर्णय नहीं लिया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। उन्होंने घोषणा की कि 17 जुलाई को जिला मुख्यालय रुद्रप्रयाग में विशाल धरना-प्रदर्शन आयोजित कर सरकार तक शिक्षकों की आवाज बुलंद की जाएगी।
उन्होंने कहा कि शिक्षक अपने सम्मान, सेवा शर्तों और भविष्य की सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर किसी भी प्रकार का समझौता नहीं करेंगे। संगठन की दोनों प्रमुख मांगें पूरी होने तक लोकतांत्रिक तरीके से संघर्ष जारी रहेगा।
धरना-प्रदर्शन का संचालन शिव प्रसाद पुजारी ने किया। इस अवसर पर मनोज शर्मा, देवेंद्र बज्वाल, विनय भट्ट, राजेंद्र लाल, देवेश भट्ट, भगवती प्रसाद सेमवाल, बुद्धि वल्लभ सेमवाल सहित बड़ी संख्या में शिक्षक उपस्थित रहे। कार्यक्रम के अंत में शिक्षकों ने अपनी मांगों के समर्थन में उपजिलाधिकारी के माध्यम से प्रधानमंत्री एवं केंद्रीय शिक्षा मंत्री को ज्ञापन भेजा।

