*INDIA CRIME NEWS मानसून के दौरान चारधाम यात्रियों के लिए सिरोबगड़ बना नासूर,भीषण लैंडस्लाइड, बदरीनाथ एनएच पर रात से फंसे हैं यात्री, 10 किलोमीटर लंबा जाम*
*यातायात व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रशासन ने छोटे वाहनों को वैकल्पिक छांतीखाल मोटर मार्ग से श्रीनगर की ओर भेजना शुरू किया*

देहरादून। उत्तराखंड की जीवनरेखा माने जाने वाले ऋषिकेश-बदरीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग पर श्रीनगर और रुद्रप्रयाग के बीच स्थित सिरोबगड़-खांकरा लैंडस्लाइड जोन एक बार फिर भारी तबाही का कारण बन गया है। करीब तीन दशक से भूस्खलन की मार झेल रहे इस संवेदनशील क्षेत्र का आज तक स्थायी समाधान नहीं हो सका है। नतीजतन, हर मानसून में यही स्थान चारधाम यात्रा और स्थानीय जनजीवन के लिए सबसे बड़ी चुनौती बन जाता है। शुक्रवार रात से फिर यहां नेशनल हाईवे बंद है। इसके साथ ही मौसम विभाग ने भी 15 जुलाई तक का पूर्वानुमान जारी कर दिया है। पूर्वानुमान के अनुसार बारिश जारी रहेगी।
शुक्रवार रात करीब दो बजे से बंद पड़ा राष्ट्रीय राजमार्ग अभी तक सुचारू नहीं हो सका है। लगातार हो रही बारिश के बीच पहाड़ी से मलबा और विशाल बोल्डर गिरने का सिलसिला जारी है, जिससे मार्ग खोलने में जुटी मशीनों और कर्मचारियों को लगातार मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। स्थिति इतनी गंभीर है कि मिनी गोवा बीच से लेकर खांकरा तक पूरा इलाका भूस्खलन की चपेट में है।
सुरक्षा को देखते हुए पुलिस और प्रशासन ने कई स्थानों पर यातायात रोक दिया है। इसके चलते राजमार्ग के दोनों ओर वाहनों की करीब 10 किलोमीटर लंबी कतारें लग गई हैं। हजारों श्रद्धालु, स्थानीय नागरिक, पर्यटक और आवश्यक वस्तुओं से लदे वाहन घंटों से सड़क पर फंसे हुए हैं।
चारधाम यात्रा के बीच अचानक हाईवे बंद होने से यात्रियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। कई परिवार रातभर वाहनों में ही रहने को मजबूर रहे। बारिश, ठंड और अनिश्चितता के बीच छोटे बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं की मुश्किलें और बढ़ गई हैं। यातायात व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रशासन ने छोटे वाहनों को वैकल्पिक छांतीखाल मोटर मार्ग से श्रीनगर की ओर भेजना शुरू किया है, जबकि भारी वाहन अब भी राजमार्ग पर फंसे हुए हैं।

ट्रैफिक पुलिस का बयानरू ट्रैफिक पुलिस रुद्रप्रयाग के टीएसआई कैलाश शर्मा ने बताया कि राजमार्ग को खोलने के लिए मशीनें लगातार मलबा हटाने में जुटी हैं। ऊपर से लगातार गिर रहे पत्थरों और मलबे के कारण कार्य प्रभावित हो रहा है। सुरक्षा को सर्वाेच्च प्राथमिकता देते हुए ही यातायात बहाल किया जाएगा।
*सिरोबगड़ का स्थाई समाधान जरूरी*
पूर्व प्रधान नरेंद्र ममगाईं ने कहा कि सिरोबगड़ लैंडस्लाइड जोन पिछले 30 वर्षों से बदरीनाथ हाईवे का सबसे संवेदनशील और खतरनाक हिस्सा बना हुआ है, लेकिन इसके स्थायी उपचार की दिशा में अब तक कोई ठोस समाधान सामने नहीं आ सका। हर बरसात में यही दृश्य दोहराया जाता है। राजमार्ग बंद, लंबा जाम, परेशान यात्री और ठप होती चारधाम यात्रा।
*हर मानसून में सताता है सिरोबगड़*
बार-बार सामने आ रही यह स्थिति एक बार फिर इस सवाल को खड़ा कर रही है कि आखिर सिरोबगड़ की स्थायी समस्या का समाधान कब होगा? जब तक इस लैंडस्लाइड जोन का वैज्ञानिक और स्थायी उपचार नहीं किया जाता, तब तक हर मानसून में हजारों यात्रियों और स्थानीय लोगों को इसी तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ता रहेगा।
*उत्तराखंड में 15 जुलाई तक मौसम का पूर्वानुमान जारी
इधर उत्तराखंड मौसम विज्ञान केंद्र ने 15 जुलाई तक का मौसम का पूर्वानुमान जारी कर दिया है। पूर्वानुमान के अनुसार अगले पांच दिन उत्तराखंड में बारिश होगी। जो येलो अलर्ट दिया गया है, उसके अनुसार आज 11 जुलाई को देहरादून, पिथौरागढ़, उधम सिंह नगर, चंपावत, नैनीताल और बागेश्वर जिलों में कहीं-कहीं भारी बारिश होगी। मौसम विभाग के अनुसार बाकी पहाड़ी जिलों में कहीं-कहीं गर्जना के साथ बिजली चमकेगी और बारिश के तेज से अति तेज दौर चलेंगे।
मौसम विभाग ने रविवार 12 जुलाई के लिए जो पूर्वानुमान जारी किया है, उसके अनुसार इस दिन राज्य के बागेश्वर, चमोली, रुद्रप्रयाग, नैनीताल और चंपावत जिलों में कहीं-कहीं भारी बारिश होगी। बाकी पर्वतीय जिलों में कहीं-कहीं गर्जना के साथ बिजली चमकने और वर्षा के तीव्र से अति तीव्र दौर होंगे। हरिद्वार और उधम सिंह नगर जिलों में कहीं-कहीं गर्जना के साथ बिजली चमकेगी। सोमवार 13 जुलाई के लिए मौसम का जो पूर्वानुमान है, उसके अनुसार इस दिन बागेश्वर, चमोली और पिथौरागढ़ जिलों में कहीं-कहीं भारी बारिश होगी। बाकी पर्वतीय जिलों में कहीं-कहीं बारिश के तीव्र से अति तीव्र दौर होंगे। हरिद्वार और उधम सिंह नगर जिलों में बारिश नहीं होगी बादल गरजेंगे और बिजली चमकेगी।

