*INDIA CRIME NEWS चमोली पीपलकोटी टनल में लापता तीनों शव मिले, रेस्क्यू ऑपेरशन पूरा,हादसे में मृतकों का आंकड़ा 10 पहुंचा*
चमोली। पीपलकोटी टनल हादसे में आज दो मजदूरों के शव बरामद किये गये हैं। दोनों शवों की बरामदगी के साथ पीपलकोटी टनल में रेस्क्यू ऑपरेशन पूरा हो गया है। पीपलकोटी टनल हादसे में कुल 10 मजदूरों की मौत हुई है। जिनके शव बरामद कर लिये गये हैं। रेस्क्यू टीमों ने टनल में फंसे एवं लापता सभी श्रमिकों को बाहर निकाल लिया है। जिला प्रशासन, पुलिस, एसडीआरएफ, एनडीआरएफ, टीएचडीसी तथा संबंधित एजेंसियों की टीमों ने आपसी समन्वय और पूरी तत्परता के साथ लगातार रेस्क्यू अभियान चलाया। टनल के भीतर पानी की निकासी, मलबा हटाने तथा मशीनरी को बाहर निकालने के साथ ही संभावित स्थानों पर सघन सर्च अभियान चलाया गया।
रेस्क्यू अभियान के दौरान उपलब्ध संसाधनों एवं आधुनिक उपकरणों का प्रभावी उपयोग करते हुए टीमों ने कठिन परिस्थितियों में लगातार कार्य किया। टनल के भीतर पानी की निकासी के लिए सक्शन पंप सहित आवश्यक उपकरणों की सहायता ली गई। जिससे रेस्क्यू टीमों को अंदरूनी हिस्सों तक पहुंचने में मदद मिली।
जिलाधिकारी गौरव कुमार द्वारा पूरे अभियान की लगातार निगरानी की गई। रेस्क्यू कार्य में जुटी सभी एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय सुनिश्चित किया गया। प्रशासन की सर्वाेच्च प्राथमिकता टनल में फंसे एवं लापता श्रमिकों को बाहर निकालना था। जिसे रेस्क्यू टीमों के अथक प्रयासों से पूरा किया गया।
अभियान के दौरान सभी प्रभावित श्रमिकों को आवश्यक चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराई गई। उपचार की आवश्यकता वाले श्रमिकों को अस्पताल भेजा गया। जिला प्रशासन द्वारा श्रमिकों के स्वास्थ्य एवं अन्य आवश्यक सुविधाओं की भी लगातार जानकारी ली गई।
रेस्क्यू अभियान के सफलतापूर्वक पूर्ण होने के साथ टनल में लापता श्रमिकों की तलाश का कार्य समाप्त कर दिया गया है। जिला प्रशासन ने अभियान में जुटी सभी रेस्क्यू एजेंसियों, सुरक्षा बलों, संबंधित विभागों एवं कार्मिकों के समन्वित प्रयासों के लिए आभार व्यक्त किया है।
रेस्क्यू अभियान में आईटीबीपी जोशीमठ, आईटीबीपी गौचर, सेना जोशीमठ, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, डीडीआरएफ, पुलिस, राजस्व विभाग तथा सीआईएसएफ की टीमों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। सभी एजेंसियों ने आपसी समन्वय और पूरी तत्परता के साथ कठिन परिस्थितियों में लगातार रेस्क्यू एवं सर्च अभियान चलाया। सभी प्रभावित श्रमिकों को बाहर निकालने में महत्वपूर्ण योगदान दिया।

