*INDIA CRIME NEWS रोडवेज निर्माण के लिए विश्वकर्मा मार्केट पर गरजा बुलडोजर,शनिवार कई दुकानें की गई ध्वस्त,शिफ्टिंग से पहले कार्रवाई पर भड़के व्यापारी*

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*INDIA CRIME NEWS रोडवेज निर्माण के लिए विश्वकर्मा मार्केट पर गरजा बुलडोजर,शनिवार कई दुकानें की गई ध्वस्त,शिफ्टिंग से पहले कार्रवाई पर भड़के व्यापारी*

रुद्रपुर। जनपद के रुद्रपुर में निर्माणाधीन रोडवेज परियोजना के लिए जिला प्रशासन ने विश्वकर्मा मार्केट पर बुलडोजर कार्रवाई शुरू कर दी। प्रशासन की टीम ने मौके पर पहुंचकर करीब छह से सात दुकानों को ध्वस्त कर दिया। इस कार्रवाई के दौरान भारी पुलिस बल भी तैनात रहा ताकि किसी प्रकार की अप्रिय स्थिति उत्पन्न न हो।

विश्वकर्मा मार्केट की लगभग 51 दुकानें रोडवेज परियोजना की जद में आ रही हैं। प्रशासन की ओर से पहले ही दुकानदारों को नोटिस जारी कर निर्धारित समय के भीतर दुकानें खाली करने के निर्देश दिए गए थे। इसके अलावा लाउडस्पीकर के माध्यम से भी लगातार घोषणा कर दुकानदारों को चेतावनी दी गई थी कि यदि समय रहते दुकानें खाली नहीं की गईं तो प्रशासन अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई करेगा।

नोटिस मिलने के बाद अधिकांश दुकानदार स्वयं अपनी दुकानों से सामान निकालने और दूसरी जगह शिफ्ट करने में जुट गए थे। कई व्यापारियों ने अपनी दुकानें लगभग खाली भी कर दी थीं और बचा हुआ सामान निकालने का काम चल रहा था। इसी बीच जिला प्रशासन का बुलडोजर मौके पर पहुंच गया और कई दुकानों को ध्वस्त कर दिया। कार्रवाई के बाद पूरे बाजार में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। कार्रवाई से नाराज व्यापारियों ने प्रशासन के रवैये पर सवाल उठाए।
उनका कहना है कि जनप्रतिनिधियों और प्रशासन की ओर से पहले उन्हें आश्वासन दिया गया था कि प्रभावित व्यापारियों को पहले वैकल्पिक स्थान पर शिफ्ट किया जाएगा, उसके बाद ही दुकानों को हटाया जाएगा। लेकिन बिना शिफ्टिंग की प्रक्रिया पूरी किए अचानक बुलडोजर चलाना व्यापारियों के साथ अन्याय है।व्यापारियों ने बताया कि उन्होंने वर्षों पहले विधिवत तरीके से दुकानें खरीदी थीं और उनके पास सभी आवश्यक दस्तावेज मौजूद हैं। इसके बावजूद कई प्रभावित दुकानदारों का नाम विस्थापन सूची में शामिल नहीं किया गया।

तहसीलदान दिनेश कुटेला ने कहा कि प्रशासन द्वारा निर्माणाधीन रोडवेज की जद में आ रहे विश्वकर्मा मार्केट को ध्वस्तिकरण की कार्रवाई की गई है। जहां पहले ही सभी दुकानदार को नोटिस और उसके बाद 15 दिन का समय दिया गया था। जिसके तहत सभी दुकानदारों ने अपना सामान खाली कर लिया, इसी क्रम में कार्रवाई की गई है।

उनका कहना है कि यदि उन्हें वैकल्पिक दुकान या उचित मुआवजा नहीं मिला तो उनके परिवार के सामने आजीविका का गंभीर संकट खड़ा हो जाएगा। व्यापारियों का कहना है कि वे रोडवेज परियोजना का विरोध नहीं कर रहे हैं, बल्कि चाहते हैं कि विकास कार्यों के साथ प्रभावित लोगों के पुनर्वास और रोजगार का भी ध्यान रखा जाए। उन्होंने प्रशासन से मांग की कि सभी पात्र व्यापारियों को पारदर्शी तरीके से वैकल्पिक स्थान उपलब्ध कराया जाए और जिनका नाम विस्थापन सूची में नहीं है, उनके मामलों की भी निष्पक्ष समीक्षा की जाए।
व्यापारी राकेश मदान ने कहा कि मैं यह दुकान 2007 में खरीदी थी, जिसका कागजात भी वह दिखा रहे हैं। उन्होंने कहा लेकिन 27 दुकानदारों को शिफ्ट के लिए नामित किया गया है, वहीं टोटल 51 दुकान हैं, बाकी लोगों को क्यों नहीं उन्होंने यह भी कहा कि इसी से मेरे घर का खर्च चलता था। वहीं प्रशासन का कहना है कि रोडवेज परियोजना जनहित से जुड़ी महत्वपूर्ण योजना है और कार्रवाई पूर्व में जारी नोटिस तथा निर्धारित प्रक्रिया के तहत की जा रही है। अधिकारियों के अनुसार सभी प्रभावितों को पहले से सूचना दी गई थी और नियमानुसार कार्रवाई अमल में लाई जा रही है।फिलहाल बुलडोजर कार्रवाई के बाद विश्वकर्मा मार्केट में सन्नाटा पसरा हुआ है, जबकि प्रभावित व्यापारी अब प्रशासन से राहत, पुनर्वास और मुआवजे की मांग को लेकर आगे की रणनीति बनाने में जुट गए हैं।

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