*INDIA CRIME NEWS एसएसपी दून की सटीक रणनीति से फर्जी आईपीएस ऑफिसर चढ़ा दून पुलिस के हत्थे*
*खुद को वरिष्ठ अधिकारी बताकर आरोपी ने कई लोगो के साथ कि थी जालसाजी*

*गिरफ्तार आरोपी रिटायर्ड वरिष्ठ अधिकारी का है पुत्र, खुद आईपीएस अधिकारी बनने का था सपना*

देहरादून। उत्तराखंड के पूर्व बड़े अधिकारी के बेटे आर यशोवर्धन को देहरादून पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस का कहना है कि यशोवर्धन खुद को आईपीएस और केंद्रीय इंटेलिजेंस अधिकारी बताकर ठगा करता था। राजपुर पुलिस यशोवर्धन को दिल्ली से गिरफ्तार कर देहरादून लेकर आई है।
उत्तराखंड के एक पूर्व बड़े अफसर के बेटे यशोवर्धन पर महिला वैज्ञानिक को फर्जी नियुक्ति पत्र, पेटेंट और सरकारी अनुदान का झांसा देने का आरोप है। पुलिस को उसके पास से वॉकी-टॉकी, सैन्य वर्दी, फर्जी रक्षा मंत्रालय बैंड और टोपियां बरामद हुई हैं। यशोवर्धन पर देहरादून में ठगी का दूसरा मुकदमा दर्ज हुआ है। आरोपी की आज कोर्ट में पेशी होगी।
राजपुर एसओ पीडी भट्ट ने बताया कि यशोवर्धन नाम के युवक को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। थाना राजपुर में महिला की शिकायत पर उसके खिलाफ मुकदमा दर्ज हुआ है। देहरादून पुलिस ने बताया कि इस गिरफ्तारी और पूरे मामले को लेकर एसपी सिटी प्रमोद कुमार प्रेस कॉन्फ्रेंस कर खुलासा करेंगे।

वादी अंशुल उपाध्याय निवासी डाकरा बाजार, थाना कैंट, देहरादून द्वारा थाना राजपुर पर तहरीर दी कि यशोवर्धन नाम के व्यक्ति ने अपने आप को वरिष्ठ अधिकारी बताकर उन्हें होटल जिंजर निकट साईं मंदिर देहरादून में मिलने के लिए बुलाया तथा उनकी दिवंगत माता की स्मृति में उनके नाम पर एक कंपनी का पंजीकरण जल्द करने के एवज में उनसे 15 लाख रुपए की धोखाधड़ी की गई। थाना राजपुर में मुकदमा पंजीकृत किए गए। वादिनी डॉ. अनुषा निवासी सोशल स्टेज हॉस्टल कैनाल रोड देहरादून द्वारा थाना राजपुर पर तहरीर दी गई की यशोवर्धन नाम के व्यक्ति ने खुद को आईपीएस अधिकारी बताते हुए उन्हें अपने फर्जी विजिटिंग कार्ड व आईडी दिखाई गई तथा प्रभाव में लेकर वादिनी को रक्षा मंत्रालय में डाटा साइंस कंसलटेंट के पद पर नौकरी दिलाने के एवज में धोखाधड़ी कर 4,60,000 रुपए हड़प लिए। मुकदमा दर्ज किया गया।
स्वयं को फर्जी अधिकारी बताकर लोगो के साथ कि जा रही धोखाधड़ी की घटना की गंभीरता के दृष्टिगत एसएसपी ने गिरफ्तारी के निर्देशों पर तत्काल थाना राजपुर पर पुलिस टीम का गठन किया गया। गठित टीम ने दोनों मुकदमों में त्वरित साक्ष्य संकलन की कार्रवाई करते हुए दोनो घटनास्थलों का निरीक्षण कर उसके आसपास तथा आने जाने वाले मार्गों पर लगे सीसीटीवी कैमरो की फुटेज का अवलोकन कर आवश्यक जानकारियां एकत्रित की गई तथा प्राप्त जानकारी व साक्ष्यों के आधार पर गुरूवार को धोखाधड़ी की घटना में शामिल आरोपी यशोवर्धन को दौराने चेकिंग सीएसआई तिराहा मसूरी रोड से गिरफ्तार किया गया।
पूछताछ में आरोपी ने बताया कि उसके पिता वरिष्ठ सेवानिवृत्त अधिकारी है तथा बचपन से उसका सपना अधिकारी बनने का था। बचपन से अपने पिता के साथ रहने के दौरान उसने वरिष्ठ अधिकारियों को मिलने वाली पावर व सुविधा देखी थी। उसके मन में बचपन से ही वरिष्ठ अधिकारी बनने का सपना था। उसने कई सालों तक यूपीएससी परीक्षा की तैयारी की किंतु इस परीक्षा में वह सफल नहीं हो पाया। असफलता हाथ लगने पर उसने खुद को फर्जी आईपीएस व अन्य एजेंनसीयों का वरिष्ठ अधिकारी बताकर लोगों पर अपना रौब झाड़ने लगा। आमजन व भोले भाले लोगों को वह अपने पद का प्रभाव डालकर उनको नौकरी दिलवाने अथवा उनके टेंडर व अन्य काम जल्दी करवाने के नाम पर लाखों रुपए की जालसाजी व धोखाधड़ी करने लगा। उसके बात करने का तरीका तथा उसकी यूनिफॉर्म व फर्जी आई कार्ड देखकर लोग उस पर आसानी से भरोसा कर लेते थे। इसी का फायदा उठाकर वह सालों से कई लोगों के साथ धोखाधड़ी कर चुका है।

