*INDIA CRIME NEWS भूस्खलन की चपेट में आई कार, चालक ने भागकर बचाई जान*
उत्तरकाशी। जनपद में लगातार हो रही बारिश के चलते लोगों की मुसीबत कम होने का नाम नहीं ले रही है। पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन और बोल्डर गिरने का खतरा लगातार बना हुआ है, वहीं दूसरी ओर अधूरे निर्माण कार्य भी ग्रामीणों के लिए परेशानी का सबब बने हैं। मनेरा बाईपास पर भूस्खलन की चपेट में आने से एक कार खाई में जा गिरी, जबकि नौगांव क्षेत्र में निर्माणाधीन मोटर पुल के पूरा नहीं होने से ग्रामीण जान जोखिम में डालकर आवाजाही करने को मजबूर हैं।
मनेरा बाईपास पर पिछले कई दिनों से पहाड़ी से मलबा और बोल्डर गिरने का सिलसिला जारी है। अचानक पहाड़ी से भारी मात्रा में मलबा और बड़े-बड़े बोल्डर सड़क की ओर गिरने लगे। खतरा भांपकर कार में सवार व्यक्ति समय रहते वाहन छोड़कर वहां से भाग गया। इसके कुछ ही देर बाद मलबे की चपेट में आई कार अनियंत्रित होकर सड़क से नीचे खाई में जा गिरी। गनीमत रही कि कार सवार पहले ही सुरक्षित स्थान पर पहुंच गया था।
हादसे का लाइव वीडियो भी सामने आया है। वीडियो में पहाड़ी से अचानक मलबा और बोल्डर गिरते दिखाई दे रहे हैं। कुछ ही पलों में मलबा सड़क पर पहुंचता है और कार उसकी चपेट में आकर खाई में जा गिरती है। घटना के बाद मनेरा बाईपास पर आवाजाही करने वाले लोगों में दहशत है। स्थानीय निवासी विष्णुपाल रावत का कहना है कि बारिश के दौरान इस मार्ग पर भूस्खलन का खतरा लगातार बढ़ रहा है। इसके बावजूद वाहनों की आवाजाही जारी है। लोगों ने संवेदनशील स्थानों का निरीक्षण कराने, सुरक्षा इंतजाम करने और खतरे वाले हिस्सों में यातायात नियंत्रित करने की मांग की है।
यमुनोत्री विधानसभा क्षेत्र के नौगांव विकासखंड के कुपड़ा-कुंशाला-त्रिखीली मोटर मार्ग पर गड़गाड़ में निर्माणाधीन मोटर पुल भी ग्रामीणों के लिए परेशानी का कारण बना हुआ है। एक साल बीतने के बाद भी पुल का निर्माण पूरा नहीं हुआ है। सड़क की स्थिति भी दयनीय है। ग्रामीणों को अस्थायी रास्तों से जान जोखिम में डालकर आवाजाही करनी पड़ रही है।
स्थानीय निवासी महावीर पंवार माही ने कहा कि स्थानीय जनप्रतिनिधियों और संबंधित विभाग की लापरवाही का खामियाजा ग्रामीणों को भुगतना पड़ रहा है। उन्होंने बताया कि उक्त स्थान का विधायक और मुख्यमंत्री धरातलीय निरीक्षण कर चुके हैं। निरीक्षण के बाद ग्रामीणों को उम्मीद थी कि पुल और सड़क का काम जल्द पूरा होगा, लेकिन करीब एक साल बाद भी स्थिति जस की तस है।पुल अधूरा होने से ग्रामीणों के साथ स्कूली बच्चों, बुजुर्गों और मरीजों को भी परेशानी उठानी पड़ रही है।
ग्रामीणों ने सरकार और संबंधित विभाग से मोटर पुल का निर्माण जल्द पूरा कराने तथा सड़क मार्ग को दुरुस्त करने की मांग की है। साथ ही चेतावनी दी कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो ग्रामीण आंदोलन के लिए मजबूर होंगे। एक ओर बारिश और भूस्खलन से रास्ते असुरक्षित हैं, तो दूसरी ओर अधूरे पुल और बदहाल सड़क ने ग्रामीणों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। अब लोगों को प्रशासन की त्वरित कार्रवाई का इंतजार है।

