*INDIA CRIME NEWS राष्ट्रविरोधी गतिविधियों का आरोपी सलाउद्दीन जेल भेजा गया,तेलंगाना निवासी जुबेर से लिए थे डेटोनेटर, फियादीन हमले की थी तैयारी*

देहरादून। एसटीएफ ने उधमसिंह नगर जिले के गदरपुर से गिरफ्तार किए गए संदिग्ध कट्टरपंथी मोहम्मद सलाउद्दीन को अदालत में पेश करने के बाद न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। प्रथम दृष्टया जांच में सामने आया है कि वह फिदायीन हमले के लिए खुद को तैयार कर रहा था। अपनी शारीरिक तैयारी के वीडियो विदेश और देश में बैठे आकाओं तक भेज रहा था।
एसटीएफ एसएसपी अजय सिंह ने बताया कि- प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि मोहम्मद सलाउद्दीन एक बड़े धमाके को अंजाम देने की साजिश में शामिल था। इसके लिए तेलंगाना निवासी जुबेर नामक व्यक्ति ने चार डेटोनेटर उपलब्ध कराए थे। साथ ही उसे आर्थिक सहायता भी दी गई थी। जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि डेटोनेटर किस उद्देश्य से मंगाए गए थे और संभावित लक्ष्य क्या था। आशंका है कि समय रहते कार्रवाई नहीं होती, तो किसी बड़ी वारदात को अंजाम दिया जा सकता था।
एसटीएफ की जांच में खुलासा हुआ है कि सलाउद्दीन नियमित रूप से दौड़ लगाने, पुशअप्स और अन्य शारीरिक गतिविधियों के वीडियो बनाकर अपने हैंडलरों को भेजता था। वह टेलीग्राम और सिग्नल जैसे एन्क्रिप्टेड प्लेटफॉर्म के जरिये संदिग्ध आतंकियों के संपर्क में था। साथ ही चैट में वह खुद को हर टास्क के लिए फिट बताता था। पूछताछ में पता चला है कि अलग-अलग स्थानों पर मस्जिदों और मजारों को ध्वस्त किए जाने की घटनाओं से वह आहत था।
इसी दौरान सोशल मीडिया के माध्यम से कट्टरपंथी तत्वों ने उसे अपने प्रभाव में लिया और धीरे-धीरे उसकी सोच को उग्र बनाया। इसके बाद वह राष्ट्रविरोधी और जिहादी सामग्री से जुड़े कई ऑनलाइन समूहों में सक्रिय हो गया। आरोपी के मोबाइल फोन की जांच में जिहाद, शहादत और कट्टरपंथी विचारधारा से संबंधित सामग्री मिलने के बाद उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की गई। जांच एजेंसियां उसके संपर्कों, ऑनलाइन नेटवर्क और संभावित अंतरराज्यीय कड़ियों की पड़ताल कर रही हैं। मोबाइल फोन और अन्य डिजिटल साक्ष्यों की फॉरेंसिक जांच भी कराई जा रही है, जिसके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
गौरतलब है कि उत्तराखंड एसटीएफ ने गुरुवार को सलाउद्दीन को उधम सिंह नगर जिले के गदरपुर से गिरफ्तार किया था। एसटीएफ को जांच के दौरान कुछ ऐसे डिजिटल संवाद मिले थे जिनमें हथियारों और विस्फोटक सामग्री के भंडारण और उनकी आवाजाही को लेकर संदिग्ध बातचीत होने के संकेत मिले थे। इसी के तहत सलाउद्दीन को गिरफ्तार किया गया। एसटीएफ की टीम ने बुधवार देर रात आरोपी की निशानदेही पर सर्च अभियान चलाया। एजेंसी ने खुलासा किया कि इस दौरान एक विदेशी पिस्टल, पांच जिंदा कारतूस, चार डेटोनेटर और एके-47 राइफल के दो कारतूस बरामद किए गए।

*रामपुर के युवक से भी एसटीएफ ने की पूछताछ*
गिरफ्तार आरोपी मोहम्मद सलाउद्दीन के मोबाइल फोन की जांच के दौरान इंस्टाग्राम, टेलीग्राम और सिग्नल जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर कई संदिग्ध चौट और समूह मिले। इनमें जिहाद, शहादत और राष्ट्रविरोधी विचारों से जुड़ी सामग्री साझा किए जाने के प्रमाण सामने आए हैं। प्रारंभिक जांच में यह भी संकेत मिले हैं कि आरोपी युवाओं को प्रभावित कर उन्हें उग्र और कट्टरपंथी विचारधारा की ओर प्रेरित करने का प्रयास कर रहा था। पूछताछ के दौरान उत्तर प्रदेश के रामपुर निवासी अताउल्ला समीर नामक युवक से उसके संपर्कों की जानकारी मिली। इसके बाद एसटीएफ की विशेष टीम रामपुर में दबिश देकर समीर को पूछताछ के लिए देहरादून लाई। एसटीएफ कार्यालय में विभिन्न सुरक्षा एजेंसियों और खुफिया इकाइयों द्वारा उससे पूछताछ की गई।
*युवाओं को जिहादी विचारधारा से जोड़ने की साजिश का भंडाफोड़*
जांच में सामने आया कि समीर को इस नेटवर्क से जुड़े लोग देश विरोधी गतिविधियों के लिए उकसा रहे थे। सोशल मीडिया के माध्यम से उसे कट्टरपंथी और जिहादी विचारधारा से जोड़ने के साथ सामाजिक सौहार्द, राष्ट्रीय एकता और देश की सुरक्षा के खिलाफ भड़काने के प्रयास किए जा रहे थे। विस्तृत पूछताछ और तकनीकी जांच के बाद समीर को परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया। एसटीएफ ने उसका मोबाइल फोन फॉरेंसिक जांच के लिए भेज दिया है। रिपोर्ट मिलने के बाद आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
*एसटीएफ सोशल मीडिया पर रख रही नजर*
एसटीएफ एसएसपी अजय सिंह ने बताया है कि सलाउद्दीन सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के जरिये अन्य युवाओं को भी प्रभावित करने का प्रयास कर रहा था। साथ ही सोशल मीडिया के माध्यम से युवाओं को कट्टरपंथ की ओर धकेलने वाले तत्वों पर लगातार नजर रखी जा रही है।

